सोनभद्र में पत्थर खदान के अचानक धंसने से दर्जनों मजदूरों के दबने की आशंका।
सोनभद्र। ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली इलाके में पत्थर खदान में अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया। इसकी वजह से भारी मात्रा में मलबा खदान में गिर पड़ा। इस हादसे में कई मजदूरों और कंप्रेसर ऑपरेटर के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग नौ कंप्रेशर मशीन सहित कुल अट्ठारह लोग काम कर रहे थे, जिसमें केवल तीन मजदूर ही सुरक्षित बच गए बाकी पन्द्रह लोग दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम और स्थानीय पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवा दिया है। मजदूरों को मलबे से निकालने की कोशिशें लगातार जारी हैं। अभी तक दबे लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल सका है।
आपको बता दें कि हादसा हुआ तो मौके पर अफरातफरी मच गई। मजदूर इधर से उधर भागने लगे। हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश में था। मगर अफसोस, कई मजदूर मलवे में दब गए हैं, जिन्हें अब बचाने के लिए प्रशासन जुट गया है।
जानकारी के अनुसार, ये पहाड़ी करीब 400 फीट गहरी है। जहां नीचे ही सभी मजदूर काम कर रहे थे। वे 9 कंप्रेशर मशीनों की मदद से पत्थर में होल कर रहे थे। तभी पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से एक बड़े पत्थर का टीला अचानक दरक गया और खदान में काम कर रहे मजदूरों के ऊपर आ गिरा। जिसके नीचे सभी मजदूर दब गए। हादसे के वक्त पास से गुजर रहे लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी।जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। मजदूरों के परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। सभी अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
यह हादसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद से रवाना होने के कुछ ही समय बाद सामने आया। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा लगभग दो बजे के आस पास की बताई जा रही है। घटना स्थल मुख्यमंत्री के सभास्थल से मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा पहले इसकी सुध नहीं ली गई कि यहां इस तरह का मानकविहीन खनन कार्य चल रहा है। वहीं सुचना मिलने पर डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अभिषेक वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अल्ट्राटेक, दूसान और ओबरा पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं। घटना बेहद दुखद है। जो मजदूर मलबे में फंसे हैं, उन्हें निकालने का कार्य किया जाएगा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीम को भी सूचना दे दी गई है। कितने लोग मलबे में दबे हैं, इसकी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोनभद्र दौरे पर खनन बंद करने जैसी कोई बात नहीं थी। घटना कैसे हुई, इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर किस प्रकार की कार्रवाई किया जाता है ?







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